धनतेरस क्या है? धनतेरस क्‍यों मनाया जाता है

धनतेरस क्या है? धनतेरस क्‍यों मनाया जाता है

इस साल धनतेरस का त्‍योहार 10 नवंबर को है. इस दिन भगवान धन्‍वंतरि के साथ माता लक्ष्‍मी और कुबेर की भी पूजा की जाती है. साथ ही लोग बर्तन, सोना-चांदी और झाड़ू वगैरह खरीदते हैं. जानिए इस की वजह.दिवाली (Diwali) के पांच दिनों के त्‍योहार की शुरुआत धनतेरस (Dhanteras) के दिन से होती है. कार्तिक मास की कृष्‍ण पक्ष की अमावस्‍या तिथि को धनतरेस का त्‍योहार मनाया जाता है. मान्‍यता है कि इस दिन आयुर्वेद के भगवान धन्‍वंतरि का जन्‍म हुआ था. धन्‍वंतरि भगवान का जन्‍म त्रयोदशी तिथि के दिन होने के कारण इस दिन को धनत्रयोदशी और धनतेरस जैसे नाम से जाना जाता है. इस साल धनतेरस का त्‍योहार 10 नवंबर को है. इस दिन भगवान धन्‍वंतरि के साथ माता लक्ष्‍मी और कुबेर की भी पूजा की जाती है. साथ ही लोग बर्तन, सोना-चांदी और झाड़ू वगैरह खरीदते हैं. आइए आपको बताते हैं कि इस दिन से जुड़ी खास बातें.

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धनतेरस, हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह त्योहार हर साल अक्टूबर और नवंबर के बीच मनाया जाता है, चौथे दिन को आते हैं। इस दिन लोग धन और समृद्धि की प्राप्ति के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं। इस त्योहार को विभिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे कि धनत्रयोदशी, धनवंतरी त्रयोदशी और यमद्वितीया।

धनतेरस का शाब्दिक अर्थ होता है “धन की त्रयोदशी”। इस दिन लोग धन, समृद्धि, धनवान और स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं। इसके अलावा, इस दिन लोग धनतेरस के दिन सोने, चांदी, या अन्य महंगे धातुओं की खरीदारी भी करते हैं।

धनतेरस का इतिहास बहुत पुराना है। इसे मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु ने देवताओं के साथ समुद्र मंथन किया था और धन्वंतरी अवतार को उत्पन्न किया था। धन्वंतरी अवतार चिकित्सा और आयुर्वेदिक ज्ञान के प्रतीक हैं। इसलिए, इस दिन लोग धन्वंतरी भगवान की पूजा भी करते हैं।

धनतेरस के दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं और उन्हें दीपकों से सजाते हैं। धनतेरस के दिन लोग धन और समृद्धि की प्राप्ति के लिए विशेष रूप से लक्ष्मी पूजा करते हैं। इस पूजा में लक्ष्मी माता की मूर्ति, धनतेरस की कथा, दीपक, फूल, नारियल, रोली, चावल, दूध, घी, मिठाई, फल, नट, और सोने चांदी के आभूषण शामिल होते हैं।

धनतेरस के दिन लोग अपने द्वार पर रंगोली बनाते हैं और अपने घरों को दीपों से सजाते हैं। इसके अलावा, धनतेरस के दिन लोग अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों को तोहफे देते हैं और उनके साथ खुशियों का आनंद लेते हैं।

धनतेरस एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो धन और समृद्धि की प्राप्ति के लिए मनाया जाता है। इस दिन लोग धनवान और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं और लक्ष्मी माता की कृपा को प्राप्त करने के लिए पूजा करते हैं। यह त्योहार धार्मिक और सामाजिक महत्व के साथ आता है और लोगों को एक-दूसरे के साथ जोड़ता है।

यहाँ तक कि धनतेरस के दिन लोग व्यापारिक कार्यों की शुरुआत करते हैं और नए उपकरणों और सामग्री की खरीदारी करते हैं। इसलिए, धनतेरस व्यापारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होता है।

धनतेरस एक धार्मिक और आनंदमय त्योहार है जो धन और समृद्धि की प्राप्ति के लिए मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ खुशियों का आनंद लेते हैं और लक्ष्मी माता की कृपा को प्राप्त करने के लिए पूजा करते हैं। धनतेरस के दिन लोग धनवान और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं और अपने जीवन में समृद्धि की प्राप्ति के लिए प्रयास करते हैं।

इस प्रकार, धनतेरस एक महत्वपूर्ण हिन्दू त्योहार है जो धन और समृद्धि की प्राप्ति के लिए मनाया जाता है। इस दिन लोग देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं, अपने घरों को सजाते हैं, और अपने परिवार और दोस्तों के साथ खुशियों का आनंद लेते हैं। यह त्योहार धार्मिक, सामाजिक, और व्यापारिक महत्वपूर्ण है और लोगों को एक-दूसरे के साथ जोड़ता है।

Dhanteras 2023: क्‍यों मनाया जाता है धनतेरस, इस दिन क्‍यों खरीदे जाते हैं बर्तन और झाड़ू?

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