भारत में लॉन्च किया 6G प्रोग्राम जानें क्या है यह टेक्नोलॉजी

भारत में लॉन्च किया 6G प्रोग्राम जानें क्या है यह टेक्नोलॉजी

भारत में लॉन्च किया 6G प्रोग्राम जानें क्या है यह टेक्नोलॉजी

भारत ने दिल्ली में आयोजित IMC कांग्रेस में 6G की तैयारी का ऐलान किया है। एरिक्सन ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया है और भारत 6G कार्यक्रम का उद्घाटन किया है। India 6G टीम में रेडियो, नेटवर्क, AI और क्लाउड रिसर्चर्स होंगे। 6G टेक्नोलॉजी को एरिक्सन और भारत की रिसर्च टीम मिलकर विकसित करेंगी। 6G के लॉन्च के बाद सेल्फ ड्राइविंग कार की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

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IMC, या मोबाइल इंडिया कांग्रेस, दिल्ली के प्रगति मैदान से शुरू हो चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी शुरुआत की। IMC में 6G का उत्साह देखा जा रहा है, पीएम मोदी ने खुद कहा कि भारत 5G में थोड़ा पीछे रहा होगा, लेकिन 6G में लीडर होगा। ध्यान दें कि भारत में 5G का रोलआउट सबसे तेजी से हुआ है, जबकि 6G का विकास शुरू हो गया है।

6G क्या है?

5G और 6G दोनों छठी जेनरेशन वायरलेस तकनीक हैं। यह भी 5G की तरह रेडियो तरंगों पर काम करेगा, लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं है। 2018 में 5G सेवाओं को व्यावसायिक रूप से लॉन्च करने के बाद, अगले चरण की खोज शुरू हो गई।

5G के मुकाबले 6G में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। 5G की तरह 6G भी कई नेटवर्क को एक साथ लाने की क्षमता होगी, लेकिन 5G टेक्नोलॉजी में सभी नेटवर्क अकेले नहीं होते हैं। 6G नेटवर्क में यह ऑटोमैटिक हो जाएगा। 5G से 10 गुना तेजी से डेटा शेयर कर सकेगा।

6G के लिए भारत ने टेस्ट बेड शुरू किया है, इसका अर्थ है कि देश में भी अगली पीढ़ी की टेलीकॉम तकनीक की खोज की जाएगी। दक्षिण कोरिया और जापान ने इस तकनीक पर पहले अध्ययन किया था। भारत अब इस लिस्ट में है

भारत ने 6G की तैयारी शुरू की

PM मोदी ने कहा कि भारत ने 6G लॉन्च की तैयारी करने पर जोर दिया है। एरिक्सन इस अभियान में शामिल हो गया है। एरिक्सन ने दिल्ली में मोबाइल इंडिया कांग्रेस में भारत 6G कार्यक्रम का उद्घाटन किया है। 6G अब भारत से दूर नहीं है। एरिक्सन 6G पर चेन्नई, बैंग्लोर और गुरुग्राम सेंटर के शोधकर्ताओं के साथ काम करेगा। 6G को विकसित करने वाली भारत की टीम में सीनियर रिसर्च लीडर और एक्सपीरिएंस रिसर्चर्स सहित रेडियो, नेटवर्क, AI और क्लाउड रिसर्चर शामिल होंगे।

6G क्षेत्र में Jio का शानदार प्रदर्शन

हाल ही में Reliance Jio और University of Oulu ने एक बड़ी साझेदारी की है। 6जी टेक्नोलॉजी को मानक बनाने के लिए अब ये दोनों संस्थाएं मिलकर काम करेंगे। Компанијата का मानना है कि इस कलैबरेशन से डिजीटल अवसरों की खोज नहीं होगी, बल्कि मौजूदा 5जी तकनीक को और भी उन्नत बनाया जाएगा।

एरिक्शन कर रहा साझेदारी

भारत की रिसर्च टीम एरिक्सन के साथ मिलकर स्वीडन और अमेरिका में 6G टेक्नोलॉजी को विकसित करेगी। इमर्सिव कम्यूनिकेशन और इंटरनेट ऑफ लाइफ सेवाएं इसमें शामिल होंगी। 6G रिसर्च टीम भारत में एरिक्सन ग्लोबल रिसर्च टीमों के सहयोग से नए सॉल्यूशन बनाएगी।

6G की ताकत क्या होगा?

6G में तेज इंटरनेट स्पीड और बड़ी-बड़ी वीडियो डाउनलोड जल्दी ही होंगे. लेकिन 6G सिर्फ तेज इंटरनेट नहीं बल्कि बहुत ही व्यापक तकनीक लाएगा। 6G, हालांकि, मोबाइल फोंस ही नहीं बल्कि आम जीवन में भी तेज होगा। 6जी ने virtual reality (VR) और augmented reality (AR) के नवीनतम रूपों को देखा जाएगा, जो नॉर्मल जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएगा।

6G टेक्नोलॉजी के लाभ

6जी तकनीक फ्यूचर नीड को पूरा करेगी और देश का सामाजिक और औद्योगिक विकास तेज करेगी। 6जी तकनीक से परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा (यानी परिवहन सुरक्षा, हेल्थ केयर और शिक्षा) क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे। इससे वायरलेस संचार में एक नया स्तर आएगा। 6 जी तकनीक डिजिटल भारत की राह में वरदान साबित होगी।

6G कब तक लॉन्च होगा?

6G तकनीक पर अमेरिका, यूरोपीय यूनियन, रूस, चीन, सिंगापुर और अरब अमीरात ने खोज शुरू की है। टेक कंपनियों, जैसे भारती एयरटेल, अंत्रिसू, एप्पल, एरिक्सन, फ्लाई, हुआवे, रिलायंस जियो, कीसाइट, एलजी, नोकिया, एनटीटी डोकोमो, सैमसंग, वोडाफोन-आइडिया और शाओमी, ने भी भविष्य की ओर देखा है।

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